आम वेडिंग की तरह मनोरंजक लेकिन साधारण निकली ‘वीरे दी वेडिंग’

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बॉलीवुड में दोस्तों पर बहुत सी फिल्में बनायीं गयी हैं. लेकिन अधिकतर फिल्में लड़कों की दोस्ती पर आधारित रही हैं. कुछ ही फिल्में हैं जो लड़कियों की दोस्ती पर आई हैं. इसी कड़ी में ‘वीरे दी वेडिंग’ का नाम भी जुड़ गया है.

यह कहानी है चार सहेलियों, कालिंदी पुरी (करीना कपूर), अवनी शर्मा (सोनम के आहूजा), साक्षी सोनी (स्वरा भास्कर) और मीरा सूद (शिखा तलसानिया) की. यह चारों बचपन की सहेलियां है और तकरीबन सभी बड़े घरों से हैं. पूरी फिल्म इन चारों की दोस्ती पर आधारित है. ‘वैसा भी होता है पार्ट 2’ और ‘ख़ूबसूरत’ जैसी उम्दा फिल्में बनाने वाले शशांक घोष ने इस बार मनोरंजक मगर साधारण फिल्म का निर्देशन किया है. इस फिल्म की खासियत करीना कपूर की वापसी और करीना-सोनम-स्वरा जैसे सितारों का एक साथ होना है.

फिल्म में एकता कपूर भी को-प्रोडूसर हैं. अभिनय की बात करें तो करीना कपूर और स्वरा भास्कर पूरी फिल्म पर छा गए हैं. सोनम कपूर और शिखा तलसानिया ने भी अपने किरदारों के साथ न्याय किया है. बाकी सब कलाकार भी अपने अपने किरदारों में जंचे हैं.

प्रोडक्शन डिपार्टमेंट की मेहनत ने फिल्म को भरपूर भव्यता दी है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी उम्दा है. एडिटिंग पर थोड़ा सा और काम किया जाता तो बेहतर होता. इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी काटी जा सकती थी. कॉस्ट्यूम शानदार रहे. फिल्म के सभी गाने कर्णप्रिय हैं. लेकिन फिल्म के डायलाग द्विअर्थी संवादों से भी कहीं आगे बढ़ गए हैं. कुल मिलाकर ‘वीरे दी वेडिंग’ एक साधारण मनोरंजक फिल्म है, जिसे एक बार देखा जा सकता है. भाषा के अश्लील इस्तेमाल के चलते यह पूर्णता वयस्क फिल्म है. इसका ध्यान रखा जाना चाहिए, वरना बच्चों के सवालों के जवाब देते नहीं बनेगा.

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